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दोस्ती ; ये खून का रिश्ता नहीं दिल का रिश्ता होता मगर हमेशा अटूट रहता 

DOSTI (दोस्ती)

जो है अनजान इससे उसने जिंदगी नहीं जिया अब तक
रहेंगे साथ होगी आखरी साँस जब तक
मोड़ देंगे तेरे लिए मौत का करव तू अगर साथ है
तेरे बिन तो भरे महफिल भी शमशान है |
साथ अगर हो तुम मेरे , पार कर जाऊं समुंदर सात
जोड़ी बनेगी तेरी-मेरी मिसाल, कहेगी दुनिया में है अजूबा आठ |

किया जो तेरे साथ मौज- मस्ती
किए वो काम है जो न कर पाए बड़े-बड़े हस्ती |
खाए है, खिलाए है एक दूजे के लिए जिए है
अपने साथ-साथ हमने दुसरो के भी पेच ढीले किए है |

मैं तुझे भूल जाऊं ये मेरी फ़ितरत नहीं
तू मुझे भूल जाए ऐसी तो हमारी वयक्तित्व नहीं
करते है हम एक दूजे के दिलों पर राज
शायद मेरी बात पहुंची हो , जो मैं पहुँचाना
चाहता था आज ||

तू चाँद है , मैं हूँ सितारा,
मै जादुगर और तू खुशियों का पिटारा ||

तेरे बिन मेरी, मेरे बिन तेरी करती तो मंझधार ही फस्ती
इससे ही तो कहते है जहान मे यारी- दोस्ती |

by Chandra 
दोस्ती पर कविता.Dosti poem in hindi
PIXABAY A Beautiful poem Written By Chandra Prakash Yadav

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